Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.60.28: उसका सारा शरीर रोमों से ढका हुआ था। वह साँप के समान साँस लेता था और उसकी साँसों से लोगों को चक्कर आ जाता था। वहाँ सोया हुआ वह राक्षस भयंकर बल और पराक्रम से संपन्न था॥28॥ | ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसका सारा शरीर रोमों से ढका हुआ था। वह साँप के समान साँस लेता था और उसकी साँसों से लोगों को चक्कर आ जाता था। वहाँ सोया हुआ वह राक्षस भयंकर बल और पराक्रम से संपन्न था॥28॥
His whole body was covered with raised hair. He breathed like a snake and his exhalations would make people dizzy. The demon sleeping there was endowed with terrible strength and valour.॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥