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ramayan 6.60.22: राक्षसराज रावण के ये वचन सुनकर सभी राक्षस बहुत भयभीत हो गए और कुंभकर्ण के भवन में गए।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.22 
ते तु तद् वचनं श्रुत्वा राक्षसेन्द्रस्य राक्षसा:।
जग्मु: परमसम्भ्रान्ता: कुम्भकर्णनिवेशनम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राक्षसराज रावण के ये वचन सुनकर सभी राक्षस बहुत भयभीत हो गए और कुंभकर्ण के भवन में गए।
 
On hearing these words of the demon king Ravana, all the demons became very frightened and went to Kumbhakarna's house.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)