श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.60.20 
रामेणाभिनिरस्तस्य संग्रामेऽस्मिन् सुदारुणे।
भविष्यति न मे शोक: कुम्भकर्णे विबोधिते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
यदि कुम्भकर्ण जागृत हो जाए तो मुझे इस घोर युद्ध में राम से पराजित होने का खेद नहीं होगा॥20॥
 
If Kumbhakarna is awakened, I will not regret being defeated by Ram in this fierce battle. 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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