Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.60.2: जैसे सिंह हाथी को और गरुड़ विशाल सर्प को और भी अधिक सर्प को पीड़ित करके परास्त कर देता है, उसी प्रकार महात्मा रघुनाथजी ने राजा रावण को परास्त कर दिया॥2॥ | ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मातंग इव सिंहेन गरुडेनेव पन्नग:।
अभिभूतोऽभवद् राजा राघवेण महात्मना॥ २॥
अनुवाद
जैसे सिंह हाथी को और गरुड़ विशाल सर्प को और भी अधिक सर्प को पीड़ित करके परास्त कर देता है, उसी प्रकार महात्मा रघुनाथजी ने राजा रावण को परास्त कर दिया॥2॥
Just as a lion torments and defeats a king elephant and Garuda torments and defeats a huge serpent, in the same way Mahatma Raghunathji overwhelmed King Ravana.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥