Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.60.18: अतः तुम लोग शीघ्र ही महाबली कुम्भकर्ण को जगाओ। महाबली कुम्भकर्ण समस्त राक्षसों में श्रेष्ठ है। वह शीघ्र ही युद्धभूमि में वानरों तथा उन राजकुमारों का वध कर देगा॥18॥ | ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं तु बोधयत क्षिप्रं कुम्भकर्णं महाबलम्।
स हि संख्ये महाबाहु: ककुदं सर्वरक्षसाम्।
वानरान् राजपुत्रौ च क्षिप्रमेव हनिष्यति॥ १८॥
अनुवाद
अतः तुम लोग शीघ्र ही महाबली कुम्भकर्ण को जगाओ। महाबली कुम्भकर्ण समस्त राक्षसों में श्रेष्ठ है। वह शीघ्र ही युद्धभूमि में वानरों तथा उन राजकुमारों का वध कर देगा॥18॥
‘Therefore you all should quickly wake up the mighty Kumbhakarna. The powerful Kumbhakarna is the best among all the demons. He will soon kill the monkeys and those princes on the battlefield.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥