Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.60.16-17: (मैं जाग रहा हूँ, दुःखी हूँ, चिन्तित हूँ और अपूर्ण कामनाओं से युक्त हूँ) वह राक्षस शान्तिपूर्वक, निश्चिन्त होकर, विषय-भोग से अचेत होकर सो रहा है। वह नौ, सात, दस और कभी-कभी आठ महीने तक सोता रहता है। नौ महीने पहले वह मुझसे परामर्श करके सो गया था।॥16-17॥ | ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(मैं जाग रहा हूँ, दुःखी हूँ, चिन्तित हूँ और अपूर्ण कामनाओं से युक्त हूँ) वह राक्षस शान्तिपूर्वक, निश्चिन्त होकर, विषय-भोग से अचेत होकर सो रहा है। वह नौ, सात, दस और कभी-कभी आठ महीने तक सोता रहता है। नौ महीने पहले वह मुझसे परामर्श करके सो गया था।॥16-17॥
‘(I am awake, sad, worried and with incomplete desires and) that demon is sleeping peacefully and without any worries, unconscious of sexual gratification. He sleeps for nine, seven, ten and sometimes eight months. Nine months ago, he went to sleep after consulting me.॥ 16-17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥