Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.96: ‘रघुवंश के राजकुमार! यह सौभाग्य है कि तुम मेरे नेत्रों के सम्मुख आये हो। तुम्हारा अन्त शीघ्र ही होने वाला है, इसीलिए तुम्हारा मन व्याकुल हो गया है। अब तुम मेरे बाणों से पीड़ित होकर तत्काल यमलोक जाओगे।’॥96॥ | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘रघुवंश के राजकुमार! यह सौभाग्य है कि तुम मेरे नेत्रों के सम्मुख आये हो। तुम्हारा अन्त शीघ्र ही होने वाला है, इसीलिए तुम्हारा मन व्याकुल हो गया है। अब तुम मेरे बाणों से पीड़ित होकर तत्काल यमलोक जाओगे।’॥96॥
‘Prince of the Raghu dynasty! It is fortunate that you have come in front of my eyes. Your end is soon to come, that is why your mind has become disturbed. Now you are suffering from my arrows and will travel to Yamaloka immediately.’॥96॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥