श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  6.59.89 
एवमुक्त्वा महाबाहू रावणो राक्षसेश्वर:।
संधाय बाणमस्त्रेण चमूपतिमताडयत्॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर महाबाहु राक्षसराज रावण ने अग्निबाण से युक्त बाण चलाकर अपने सेनापति नील को मार डाला।
 
Saying this, the mighty-armed demon king Ravana aimed an arrow fitted with a fire weapon and killed his commander Neel with it.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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