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श्लोक 6.59.87-88  |
जीवितं खलु रक्षस्व यदि शक्तोऽसि वानर।
तानि तान्यात्मरूपाणि सृजसि त्वमनेकश:॥ ८७॥
तथापि त्वां मया मुक्त: सायकोऽस्त्रप्रयोजित:।
जीवितं परिरक्षन्तं जीविताद् भ्रंशयिष्यति॥ ८८॥ |
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| अनुवाद |
| वानर! यदि तू शक्तिशाली है तो मेरे बाण से अपने प्राण बचा ले। यद्यपि तू अपने पराक्रम के अनुसार नाना प्रकार के कर्म कर रहा है, तथापि मेरे द्वारा दिव्यास्त्रों से प्रेरित किया हुआ यह बाण तुझे प्राण बचाने का प्रयत्न करने पर भी प्राणहीन कर देगा। ॥87-88॥ |
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| Monkey! If you are powerful then save your life with my arrow. Although you are performing different types of deeds in accordance with your might, yet the arrow fired by me inspired by divine weapons will make you lifeless even if you try to save your life.' ॥ 87-88॥ |
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