श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  6.59.86 
ततोऽब्रवीन्महातेजा रावणो राक्षसेश्वर:।
कपे लाघवयुक्तोऽसि मायया परया सह॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर महाबली राक्षसराज रावण ने उससे कहा - 'वानर! तुम्हारी माया के साथ-साथ तुम्हारी चपलता भी बहुत अधिक है।
 
Seeing this the mighty demon king Ravana said to him - 'Monkey! Along with having high level of illusion you also possess great agility.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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