Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.84: उस समय वानरों की हर्ष भरी चीत्कार से रावण अत्यन्त क्रोधित हो उठा, साथ ही वह भय से भी भर गया, जिससे वह अपने कर्तव्य का निर्णय न कर सका। | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानराणां च नादेन संरब्धो रावणस्तदा।
सम्भ्रमाविष्टहृदयो न किंचित् प्रत्यपद्यत॥ ८४॥
अनुवाद
उस समय वानरों की हर्ष भरी चीत्कार से रावण अत्यन्त क्रोधित हो उठा, साथ ही वह भय से भी भर गया, जिससे वह अपने कर्तव्य का निर्णय न कर सका।
At that time Ravana became very angry due to the joyous cries of the monkeys. At the same time, he was filled with fear and therefore he could not decide on his duty.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥