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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना
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श्लोक 83
श्लोक
6.59.83
ततस्ते चुक्रुशुर्हृष्टा लब्धलक्षा: प्लवंगमा:।
नीललाघवसम्भ्रान्तं दृष्ट्वा रावणमाहवे॥ ८३॥
अनुवाद
नील की चपलता से रावण को भयभीत देखकर सभी वानरों को आनन्द का अवसर मिल गया और वे हर्ष से चिल्लाने लगे।83.
Seeing Ravana frightened by Neel's agility, all the monkeys got the opportunity to rejoice and started shouting in joy. 83.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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