श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  6.59.82 
रावणोऽपि महातेजा: कपिलाघवविस्मित:।
अस्त्रमाहारयामास दीप्तमाग्नेयमद्भुतम्॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
नील वानर की चपलता देखकर महाबली रावण भी आश्चर्यचकित हो गया और उसने अद्भुत एवं तेजस्वी अग्निअस्त्र हाथ में ले लिया। 82.
 
Seeing the agility of the monkey Neel, even the mighty Ravana was astonished and he took the wonderful and brilliant Agnia weapon in his hand. 82.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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