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ramayan 6.59.81: श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान यह देखकर आश्चर्यचकित हो गए कि नील कभी रावण के ध्वज पर, कभी उसके धनुष पर और कभी उसके मुकुट पर बैठा हुआ है।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  6.59.81 
ध्वजाग्रे धनुषश्चाग्रे किरीटाग्रे च तं हरिम्।
लक्ष्मणोऽथ हनूमांश्च रामश्चापि सुविस्मिता:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान यह देखकर आश्चर्यचकित हो गए कि नील कभी रावण के ध्वज पर, कभी उसके धनुष पर और कभी उसके मुकुट पर बैठा हुआ है।
 
Sri Rama, Lakshmana and Hanuman were astonished to see Neel sitting sometimes on Ravana's flag, sometimes on his bow and sometimes on his crown. 81.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)