vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना
»
श्लोक 81
श्लोक
6.59.81
ध्वजाग्रे धनुषश्चाग्रे किरीटाग्रे च तं हरिम्।
लक्ष्मणोऽथ हनूमांश्च रामश्चापि सुविस्मिता:॥ ८१॥
अनुवाद
श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान यह देखकर आश्चर्यचकित हो गए कि नील कभी रावण के ध्वज पर, कभी उसके धनुष पर और कभी उसके मुकुट पर बैठा हुआ है।
Sri Rama, Lakshmana and Hanuman were astonished to see Neel sitting sometimes on Ravana's flag, sometimes on his bow and sometimes on his crown. 81.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd