श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  6.59.72 
स शरौघसमायस्तो नीलो हरिचमूपति:।
करेणैकेन शैलाग्रं रक्षोधिपतयेऽसृजत्॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
वानर सेनापति नील ने उसके बाणों से घायल होकर एक हाथ से पर्वत शिखर उठाकर राक्षसराज पर फेंका।
 
The monkey commander Nila, struck by his arrows, lifted a mountain peak with one hand and threw it at the demon king.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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