श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 70-71
 
 
श्लोक  6.59.70-71 
राक्षसानामधिपतिर्दशग्रीव: प्रतापवान्॥ ७०॥
पन्नगप्रतिमैर्भीमै: परमर्माभिभेदनै:।
शरैरादीपयामास नीलं हरिचमूपतिम्॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
दैत्यों के राजा प्रतापी दशग्रीव ने शत्रुओं के हृदयों को छेदने वाले सर्पों के समान भयंकर बाणों द्वारा वानर सेनापति नील को पीड़ा देना आरम्भ किया ॥70-71॥
 
The glorious Dashagriva, the king of the demons, began to torment Neel, the monkey commander, with arrows as fierce as snakes that pierced the hearts of the enemies. 70-71॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)