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ramayan 6.59.65-66h: रावण के ऐसा कहने पर पवनपुत्र हनुमान बोले, 'रावण! तू अभी जीवित है, इसलिए मेरा पराक्रम धिक्कार है!॥ 65॥   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 65-66h
 
 
श्लोक  6.59.65-66h 
रावणेनैवमुक्तस्तु मारुतिर्वाक्यमब्रवीत्॥ ६५॥
धिगस्तु मम वीर्यस्य यत् त्वं जीवसि रावण।
 
 
अनुवाद
रावण के ऐसा कहने पर पवनपुत्र हनुमान बोले, 'रावण! तू अभी जीवित है, इसलिए मेरा पराक्रम धिक्कार है!॥ 65॥
 
When Ravana said this, Hanuman, the son of the wind, said, 'Ravana! You are still alive, that is why my valour is cursed!॥ 65॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)