Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.56: 'देखो, मेरा पाँच अंगुलियों वाला दाहिना हाथ उठा हुआ है। आज यह तुम्हारे शरीर में दीर्घकाल से निवास करने वाले आत्मा को इस शरीर से अलग कर देगा।'॥ 56॥ | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एष मे दक्षिणो बाहु: पञ्चशाख: समुद्यत:।
विधमिष्यति ते देहे भूतात्मानं चिरोषितम्॥ ५६॥
अनुवाद
'देखो, मेरा पाँच अंगुलियों वाला दाहिना हाथ उठा हुआ है। आज यह तुम्हारे शरीर में दीर्घकाल से निवास करने वाले आत्मा को इस शरीर से अलग कर देगा।'॥ 56॥
‘Look, my right hand with five fingers is raised. Today it will separate the soul that has been residing in your body for a long time from this body.'॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥