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ramayan 6.59.41: उस बाण के आघात से वीर सुग्रीव मूर्च्छित होकर पीड़ा से कराहते हुए भूमि पर गिर पड़े। सुग्रीव को मूर्छित और गिरते देख युद्धभूमि में आए हुए समस्त राक्षस हर्ष से गर्जना करने लगे॥ 41॥   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.59.41 
स सायकार्तो विपरीतचेता:
कूजन् पृथिव्यां निपपात वीर:।
तं वीक्ष्य भूमौ पतितं विसंज्ञं
नेदु: प्रहृष्टा युधि यातुधाना:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
उस बाण के आघात से वीर सुग्रीव मूर्च्छित होकर पीड़ा से कराहते हुए भूमि पर गिर पड़े। सुग्रीव को मूर्छित और गिरते देख युद्धभूमि में आए हुए समस्त राक्षस हर्ष से गर्जना करने लगे॥ 41॥
 
Due to the blow of that arrow, the brave Sugreeva lost consciousness and fell on the ground crying in pain. Seeing Sugreeva unconscious and falling down, all the demons who had come to the battlefield started roaring with joy.॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)