Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.59.32: यह कहकर महाबली श्रीराम ने धनुष उठाया और अपना श्रेष्ठ बाण निकालकर युद्ध के लिए तैयार हो गए। इस कार्य में लक्ष्मण ने भी उनका साथ दिया।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.59.32 
एवमुक्त्वा ततो रामो धनुरादाय वीर्यवान्।
लक्ष्मणानुचरस्तस्थौ समुद‍्धृत्य शरोत्तमम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर महाबली श्रीराम ने धनुष उठाया और अपना श्रेष्ठ बाण निकालकर युद्ध के लिए तैयार हो गए। इस कार्य में लक्ष्मण ने भी उनका साथ दिया।
 
Saying this, the mighty Shri Ram took his bow and drew out his best arrow and prepared himself for the battle. Lakshmana also supported him in this task.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)