श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.59.29 
सर्वे पर्वतसंकाशा: सर्वे पर्वतयोधिन:।
सर्वे दीप्तायुधधरा योधास्तस्य महात्मन:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इस महाबली राक्षस के सभी योद्धा पर्वतों के समान विशाल हैं। वे सभी पर्वतों से युद्ध कर रहे हैं और सभी के हाथ में चमकते हुए अस्त्र-शस्त्र हैं॥29॥
 
‘All the warriors of this gigantic demon are as huge as mountains. All of them are fighting with mountains and all of them are carrying shining weapons.॥ 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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