श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.59.28 
देवदानववीराणां वपुर्नैवंविधं भवेत्।
यादृशं राक्षसेन्द्रस्य वपुरेतद् विराजते॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इस राक्षस राजा का शरीर इतना सुन्दर लग रहा है कि वीर देवता और दानव भी ऐसा नहीं होंगे।
 
The body of this demon king is looking so beautiful that even the brave gods and demons would not be like this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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