श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.59.26 
प्रत्युवाच ततो रामो विभीषणमरिंदम:।
अहो दीप्तमहातेजा रावणो राक्षसेश्वर:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तब शत्रुओं का नाश करने वाले भगवान राम ने विभीषण से कहा - 'हे भगवान! राक्षसराज रावण का तेज बहुत महान और तेजस्वी है।'
 
Then Lord Rama, the destroyer of enemies, replied to Vibhishan thus: 'Oh! The glory of the king of demons, Ravana, is very great and resplendent. 26.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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