Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.22: जो अत्यंत सुंदर दिखाई देता है, धनुष, तलवार और बाण से सुसज्जित है, ध्वजाओं और पताकाओं से सुशोभित है और प्रज्वलित अग्नि के समान चमकते हुए रथ पर सवार है, वह दीर्घ योद्धा है, मनुष्यों का संहार करने वाला है। वह पर्वतों की चोटियों से युद्ध करता है। | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो अत्यंत सुंदर दिखाई देता है, धनुष, तलवार और बाण से सुसज्जित है, ध्वजाओं और पताकाओं से सुशोभित है और प्रज्वलित अग्नि के समान चमकते हुए रथ पर सवार है, वह दीर्घ योद्धा है, मनुष्यों का संहार करने वाला है। वह पर्वतों की चोटियों से युद्ध करता है।
He who is looking extremely beautiful, armed with bow, sword and arrows, adorned with flags and banners and riding on a chariot shining like a blazing fire, is a tall warrior, the killer of men. He fights with the peaks of the mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥