श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.59.2 
गत्वा तु रक्षोधिपते: शशंसु:
सेनापतिं पावकसूनुशस्तम्।
तच्चापि तेषां वचनं निशम्य
रक्षोधिप: क्रोधवशं जगाम॥ २॥
 
 
अनुवाद
दैत्यों ने राक्षसराज रावण के पास जाकर उसे अग्निपुत्र नील द्वारा प्रहस्त के मारे जाने का समाचार सुनाया। यह सुनकर राक्षसराज रावण अत्यन्त क्रोधित हुआ॥2॥
 
The demons went to the demon king Ravana and told him the news of Prahast being killed by Agniputra Neel. On hearing this, the demon king Ravana became very angry.॥2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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