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ramayan 6.59.145: देवताओं और दानवों का शत्रु महाबली राजा रावण जब लंका पर चढ़ाई करने गया, तब उस महायुद्ध के प्रारम्भ में श्री राम ने लक्ष्मण के साथ मिलकर वानरों के शरीर से बाण निकाले।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 145
 
 
श्लोक  6.59.145 
तस्मिन् प्रविष्टे रजनीचरेन्द्रे
महाबले दानवदेवशत्रौ।
हरीन् विशल्यान् सह लक्ष्मणेन
चकार राम: परमाहवाग्रे॥ १४५॥
 
 
अनुवाद
देवताओं और दानवों का शत्रु महाबली राजा रावण जब लंका पर चढ़ाई करने गया, तब उस महायुद्ध के प्रारम्भ में श्री राम ने लक्ष्मण के साथ मिलकर वानरों के शरीर से बाण निकाले।
 
When the great night king Ravana, the enemy of gods and demons, went to Lanka, Shri Ram along with Lakshman took out arrows from the bodies of monkeys at the beginning of that great war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)