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ramayan 6.59.142: रावण! आज तुमने बड़ा भयंकर काम किया है। मेरी सेना के प्रमुख योद्धाओं को तुमने मार डाला है। फिर भी मैं तुम्हें अपने बाणों से नहीं मार रहा हूँ, क्योंकि मैं समझता हूँ कि तुम थक गए हो॥142॥   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 142
 
 
श्लोक  6.59.142 
कृतं त्वया कर्म महत् सुभीमं
हतप्रवीरश्च कृतस्त्वयाहम्।
तस्मात् परिश्रान्त इति व्यवस्य
न त्वां शरैर्मृत्युवशं नयामि॥ १४२॥
 
 
अनुवाद
रावण! आज तुमने बड़ा भयंकर काम किया है। मेरी सेना के प्रमुख योद्धाओं को तुमने मार डाला है। फिर भी मैं तुम्हें अपने बाणों से नहीं मार रहा हूँ, क्योंकि मैं समझता हूँ कि तुम थक गए हो॥142॥
 
‘Ravana! You have committed a terrible deed today. You have killed the most prominent warriors of my army. Even then, I am not killing you with my arrows as I think you are tired.॥ 142॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)