| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना » श्लोक 137 |
|
| | | | श्लोक 6.59.137  | तस्याभिसंक्रम्य रथं सचक्रं
साश्वध्वजच्छत्रमहापताकम्।
ससारथिं साशनिशूलखड्गं
राम: प्रचिच्छेद शितै: शराग्रै:॥ १३७॥ | | | | | | अनुवाद | | तब भगवान राम ने आक्रमण किया और अपने तीखे बाणों से उसके रथ, उसके पहिये, घोड़े, ध्वजा, छत्र, पताका, सारथी, भाला, त्रिशूल और तलवार को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। | | | | Then Lord Rama attacked and cut his chariot, along with its wheels, horses, flags, umbrella, banners, charioteer, spear, trident and sword, into pieces with his sharp arrows. | | ✨ ai-generated | | |
|
|