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ramayan 6.59.126-127: महाराज श्री राम ने युद्धभूमि में रथ पर बैठे रावण को देखा। उसे देखते ही महाबली श्री राम रावण की ओर उसी प्रकार दौड़े, जैसे क्रोधित भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से बाली पर आक्रमण किया था।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 126-127
 
 
श्लोक  6.59.126-127 
रथस्थं रावणं संख्ये ददर्श मनुजाधिप:॥ १२६॥
तमालोक्य महातेजा: प्रदुद्राव स रावणम्।
वैरोचनमिव क्रुद्धो विष्णुरभ्युद्यतायुध:॥ १२७॥
 
 
अनुवाद
महाराज श्री राम ने युद्धभूमि में रथ पर बैठे रावण को देखा। उसे देखते ही महाबली श्री राम रावण की ओर उसी प्रकार दौड़े, जैसे क्रोधित भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से बाली पर आक्रमण किया था।
 
Maharaj Shri Ram saw Ravana sitting on a chariot in the battlefield. On seeing him, the mighty Shri Ram ran towards Ravana in the same manner as the enraged Lord Vishnu had attacked Bali with his Sudarshan Chakra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)