Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.59.121: कुछ समय पश्चात् होश में आने पर महाबली रावण ने पुनः विशाल धनुष उठाया और तीखे बाण हाथ में ले लिये।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 121
 
 
श्लोक  6.59.121 
रावणोऽपि महातेजा: प्राप्य संज्ञां महाहवे।
आददे निशितान् बाणाञ्जग्राह च महद्धनु:॥ १२१॥
 
 
अनुवाद
कुछ समय पश्चात् होश में आने पर महाबली रावण ने पुनः विशाल धनुष उठाया और तीखे बाण हाथ में ले लिये।
 
After regaining consciousness after some time the mighty Ravana once again picked up the huge bow and took the sharp arrows in his hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)