Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.119: हनुमानजी की सौहार्दता और प्रबल भक्ति के कारण लक्ष्मण उनके लिए प्रकाश बन गए। शत्रुओं के लिए वे अब भी अजेय थे - वे उन्हें हिला नहीं सकते थे ॥119॥ | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वायुसूनो: सुहृत्त्वेन भक्तॺा परमया च स:।
शत्रूणामप्यकम्प्योऽपि लघुत्वमगमत् कपे:॥ ११९॥
अनुवाद
हनुमानजी की सौहार्दता और प्रबल भक्ति के कारण लक्ष्मण उनके लिए प्रकाश बन गए। शत्रुओं के लिए वे अब भी अजेय थे - वे उन्हें हिला नहीं सकते थे ॥119॥
Because of Hanuman's cordiality and intense devotion, Lakshmana became light for him. For the enemies he was still unstoppable - they could not shake him.॥ 119॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥