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ramayan 6.59.115: उस घूँसे के प्रभाव से राक्षसराज रावण भूमि पर गिर पड़ा, काँपने लगा और अंततः गिर पड़ा।   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 115
 
 
श्लोक  6.59.115 
तेन मुष्टिप्रहारेण रावणो राक्षसेश्वर:।
जानुभ्यामगमद् भूमौ चचाल च पपात च॥ ११५॥
 
 
अनुवाद
उस घूँसे के प्रभाव से राक्षसराज रावण भूमि पर गिर पड़ा, काँपने लगा और अंततः गिर पड़ा।
 
Due to that punch, the demon king Ravana knelt down on the ground. He started trembling and eventually fell down. 115.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)