Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.59.113: अतः देवताओं का शत्रु रावण, राक्षसों के गर्व को चूर करने वाले लक्ष्मण को अपनी दोनों भुजाओं के बीच पकड़कर हिला भी नहीं सका। | ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो दानवदर्पघ्नं सौमित्रिं देवकण्टक:।
तं पीडयित्वा बाहुभ्यां न प्रभुर्लङ्घनेऽभवत्॥ ११३॥
अनुवाद
अतः देवताओं का शत्रु रावण, राक्षसों के गर्व को चूर करने वाले लक्ष्मण को अपनी दोनों भुजाओं के बीच पकड़कर हिला भी नहीं सका।
Therefore, Ravana, the enemy of the gods, was not even able to move Lakshmana, who had crushed the pride of the demons, by holding him between his two arms. 113.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥