vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना
»
श्लोक 112
श्लोक
6.59.112
शक्तॺा ब्राह्मॺा तु सौमित्रिस्ताडितोऽपि स्तनान्तरे।
विष्णोरमीमांस्यभागमात्मानं प्रत्यनुस्मरत् ॥ ११२॥
अनुवाद
ब्रह्मा की शक्ति से वक्षस्थल पर प्रहार होने के बाद भी लक्ष्मण स्वयं को भगवान विष्णु का अकल्पनीय अंश मानते रहे।
Even after being struck in the chest by Brahma's power, Lakshmana continued to contemplate himself as the inconceivable part of Lord Vishnu. 112.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd