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ramayan 6.59.11: उस अत्यंत भयंकर राक्षस सेना को देखकर राजा शेष के समान भुजाओं वाले, वानर सेना से घिरे हुए तथा बलवान रूप और धन से युक्त श्री रामचन्द्र जी ने शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ विभीषण से पूछा- 11॥   |   ramayan सर्ग 6.59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.59.11 
तद् राक्षसानीकमतिप्रचण्ड-
मालोक्य रामो भुजगेन्द्रबाहु:।
विभीषणं शस्त्रभृतां वरिष्ठ-
मुवाच सेनानुगत: पृथुश्री:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उस अत्यंत भयंकर राक्षस सेना को देखकर राजा शेष के समान भुजाओं वाले, वानर सेना से घिरे हुए तथा बलवान रूप और धन से युक्त श्री रामचन्द्र जी ने शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ विभीषण से पूछा- 11॥
 
Seeing that extremely fierce demon army, Shri Ramchandra ji, having arms like that of King Shesha, surrounded by the monkey army and having strong beauty and wealth, asked Vibhishana, the best among the armed men - 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)