श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 109
 
 
श्लोक  6.59.109 
तामापतन्तीं भरतानुजोऽस्त्रै-
र्जघान बाणैश्च हुताग्निकल्पै:।
तथापि सा तस्य विवेश शक्ति-
र्भुजान्तरं दाशरथेर्विशालम्॥ १०९॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण ने अपनी ओर आती हुई उस शक्ति पर अग्नि के समान तेजस्वी अनेक बाणों और अस्त्रों द्वारा आक्रमण किया; तथापि वह शक्ति दशरथकुमार लक्ष्मण की विशाल छाती में घुस गई ॥109॥
 
Lakshmana attacked that Shakti coming towards him with many arrows and weapons as bright as fire; However, that power entered the huge chest of Dasharatha Kumar Lakshman. 109॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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