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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध
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श्लोक 49
श्लोक
6.58.49
आजघान तदा नीलं ललाटे मुसलेन स:।
प्रहस्त: परमायत्तस्तत: सुस्राव शोणितम्॥ ४९॥
अनुवाद
उस समय अत्यंत पराक्रमी प्रहस्त ने नील के मस्तक पर मूसल से प्रहार किया, जिससे उसके मस्तक से रक्त की धारा बहने लगी।
At that time the extremely industrious Prahastha struck Neel on the forehead with a pestle. This caused a stream of blood to flow from his forehead.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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