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श्लोक  6.58.38-39 
नील: शरैरभिहतो निशितैर्ज्वलनोपमै:॥ ३८॥
स तं परमदुर्धर्षमापतन्तं महाकपि:।
प्रहस्तं ताडयामास वृक्षमुत्पाटॺ वीर्यवान्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
प्रहस्त के तीखे बाण प्रज्वलित अग्नि के समान प्रतीत हो रहे थे। उनके प्रहार से नील बुरी तरह घायल हो गया। उस अत्यंत अजेय राक्षस प्रहस्त को अपने ऊपर आक्रमण करते देख, शक्तिशाली वानर नील ने एक वृक्ष उखाड़कर उसी से उस पर आक्रमण किया।
 
Prahast's sharp arrows looked like blazing fire. Neel was badly injured by their blows. Seeing that extremely invincible demon Prahast attacking him, the powerful ape Neel uprooted a tree and attacked him with the same.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)