| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध » श्लोक 2-3h |
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| | | | श्लोक 6.58.2-3h  | क एष सुमहाकायो बलेन महता वृत:।
आगच्छति महावेग: किंरूपबलपौरुष:॥ २॥
आचक्ष्व मे महाबाहो वीर्यवन्तं निशाचरम्। | | | | | | अनुवाद | | महाबाहो! विशाल शरीर, महान वेग और विशाल सेना से घिरा हुआ कौन योद्धा आ रहा है? उसका रूप, बल और पुरुषत्व कैसा है? मुझे उस वीर राक्षस से परिचित कराइए।॥ 2 1/2॥ | | | | Mahabaho! Which warrior is coming with a huge body, great speed and surrounded by a huge army? What is his form, strength and masculinity? Introduce me to this valiant demon.'॥ 2 1/2॥ | | ✨ ai-generated | | |
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