Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.57.35: भयानक गीदड़ मुँह से आग उगलने लगे और अशुभ बातें करने लगे। आकाश से उल्कापिंड गिरने लगे और तेज़ हवाएँ चलने लगीं।   |   ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.57.35 
वमन्त्य: पावकज्वाला: शिवा घोरा ववाशिरे।
अन्तरिक्षात् पपातोल्का वायुश्च परुषं ववौ॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
भयानक गीदड़ मुँह से आग उगलने लगे और अशुभ बातें करने लगे। आकाश से उल्कापिंड गिरने लगे और तेज़ हवाएँ चलने लगीं।
 
Terrible jackals spewed fire from their mouths and started speaking ominously. Meteors began falling from the sky and strong winds began to blow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)