Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.57.33: उनके प्रस्थान के समय तुरहियों की तीव्र ध्वनि और राक्षसों की गर्जना सुनाई दी। इससे भयभीत होकर लंका के सभी प्राणी विकृत स्वर में चीखने लगे। 33।   |   ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.57.33 
तस्य निर्याणघोषेण राक्षसानां च नर्दताम्।
लङ्कायां सर्वभूतानि विनेदुर्विकृतै: स्वरै:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उनके प्रस्थान के समय तुरहियों की तीव्र ध्वनि और राक्षसों की गर्जना सुनाई दी। इससे भयभीत होकर लंका के सभी प्राणी विकृत स्वर में चीखने लगे। 33।
 
At the time of his departure, the loud noises of the trumpets and the roaring demons were heard. Frightened by this, all the creatures of Lanka began to shriek in distorted tones. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)