Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.57.25-26h: प्रहस्त के रथ में बहुत तेज़ घोड़े जुते हुए थे, और उसका सारथी भी अपने काम में बहुत कुशल था। वह रथ पूरी तरह सारथी के नियंत्रण में था। जब वह चलता था, तो विशाल बादलों की गर्जना जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ करता था। वह रथ चंद्रमा और सूर्य के समान प्रकाशमान था।   |   ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  6.57.25-26h 
हयैर्महाजवैर्युक्तं सम्यक्सूतं सुसंयतम्॥ २५॥
महाजलदनिर्घोषं साक्षाच्चन्द्रार्कभास्वरम्।
 
 
अनुवाद
प्रहस्त के रथ में बहुत तेज़ घोड़े जुते हुए थे, और उसका सारथी भी अपने काम में बहुत कुशल था। वह रथ पूरी तरह सारथी के नियंत्रण में था। जब वह चलता था, तो विशाल बादलों की गर्जना जैसी गड़गड़ाहट की आवाज़ करता था। वह रथ चंद्रमा और सूर्य के समान प्रकाशमान था।
 
Prahast's chariot had very fast horses harnessed in it, and its charioteer was also very skilled in his work. That chariot was completely under the charioteer's control. When it moved, it made a rumbling sound like the roar of great clouds. That chariot was as luminous as the moon and the sun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)