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ramayan 6.57.22-23h: राक्षसों ने मंत्रों से अभिमंत्रित नाना प्रकार की मालाएँ स्वीकार कीं और हर्ष तथा उत्साह से भरकर युद्ध के समान वेश धारण कर लिया।   |   ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  6.57.22-23h 
स्रजश्च विविधाकारा जगृहुस्त्वभिमन्त्रिता:॥ २२॥
संग्रामसज्जा: संहृष्टा धारयन् राक्षसास्तदा।
 
 
अनुवाद
राक्षसों ने मंत्रों से अभिमंत्रित नाना प्रकार की मालाएँ स्वीकार कीं और हर्ष तथा उत्साह से भरकर युद्ध के समान वेश धारण कर लिया।
 
The demons accepted various types of garlands consecrated with mantras and, filled with joy and enthusiasm, put on war-like attire. 22 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)