Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.57.21-22h: अनेक दैत्य घी की आहुति देकर अग्निदेव को संतुष्ट करने लगे और ब्राह्मणों को नमस्कार करके उनसे आशीर्वाद लेने लगे। उस समय घी की गंध से युक्त सुगन्धित वायु सब दिशाओं में बहने लगी। | ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक दैत्य घी की आहुति देकर अग्निदेव को संतुष्ट करने लगे और ब्राह्मणों को नमस्कार करके उनसे आशीर्वाद लेने लगे। उस समय घी की गंध से युक्त सुगन्धित वायु सब दिशाओं में बहने लगी।
Many demons started satisfying Agnidev by offering ghee and started taking blessings from Brahmins by saluting them. At that time, fragrant air carrying the smell of ghee started blowing in all directions. 21 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥