Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.57.14: ‘मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि सीताजी को लौटा देना ही हमारा कल्याण करने वाला है और यदि वे नहीं लौटाई गईं, तो युद्ध अवश्य होगा। इसी विश्वास के अनुसार आज हम युद्ध के संकट का सामना कर रहे हैं।॥14॥ | ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि सीताजी को लौटा देना ही हमारा कल्याण करने वाला है और यदि वे नहीं लौटाई गईं, तो युद्ध अवश्य होगा। इसी विश्वास के अनुसार आज हम युद्ध के संकट का सामना कर रहे हैं।॥14॥
‘I have always believed that returning Sitaji will be the only way to our welfare and if she is not returned, then there will be a war. In keeping with that belief, we are facing the danger of war today.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥