Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.56.39: उस समय देवताओं, पराक्रमी श्री राम, लक्ष्मण, सुग्रीव आदि वानरों तथा अत्यंत बलवान विभीषण ने भी कपिवर हनुमान् जी का सत्कार किया॥39॥ | ramayan सर्ग 6.56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपूजयन् देवगणास्तदाकपिं
स्वयं च रामोऽतिबलश्च लक्ष्मण:।
तथैव सुग्रीवमुखा: प्लवंगमा
विभीषणश्चैव महाबलस्तदा॥ ३९॥
अनुवाद
उस समय देवताओं, पराक्रमी श्री राम, लक्ष्मण, सुग्रीव आदि वानरों तथा अत्यंत बलवान विभीषण ने भी कपिवर हनुमान् जी का सत्कार किया॥39॥
At that time, the Gods, the mighty Shri Ram, Lakshman, Sugriva etc. monkeys and the extremely powerful Vibhishan also honored the Kapivar Hanuman ji. 39॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे षट्पञ्चाश: सर्ग: ॥ ५ ६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें छप्पनवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ५ ६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥