श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.56.31 
तं दृष्ट्वा निहतं भूमौ राक्षसेन्द्रमकम्पनम्।
व्यथिता राक्षसा: सर्वे क्षितिकम्प इव द्रुमा:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जैसे भूकम्प आने पर सब वृक्ष काँप उठते हैं, उसी प्रकार युद्धभूमि में राक्षसराज अकम्पन को मारा गया देखकर सब राक्षस व्याकुल हो गए ॥31॥
 
Just as all the trees tremble when there is an earthquake, similarly all the demons became distressed when they saw the demon king Akampana killed on the battlefield. ॥ 31॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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