श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.56.30 
स वृक्षेण हतस्तेन सक्रोधेन महात्मना।
राक्षसो वानरेन्द्रेण पपात च ममार च॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
क्रोधित वानरराज हनुमानजी के द्वारा उस वृक्ष पर जोर से प्रहार किए जाने पर अकम्पन राक्षस भूमि पर गिरकर मर गया ॥30॥
 
After being hit hard by that tree by the angry chief of monkeys, Hanuman, the demon Akampana fell to the ground and died. ॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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