श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.56.3 
तत्रैव तावत् त्वरितो रथं प्रापय सारथे।
एते च बलिनो घ्नन्ति सुबहून् राक्षसान् रणे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
सारथि! ये बलवान वानर युद्ध में अनेक राक्षसों का संहार कर रहे हैं, अतः पहले मेरे रथ को शीघ्रतापूर्वक वहाँ ले चलो।' 3.
 
Charioteer! These powerful monkeys are killing many demons in the war, so first take my chariot there quickly.' 3.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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