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ramayan 6.56.25: राक्षसों को भयभीत करने वाले हनुमान अत्यन्त क्रोधित होकर शत्रुओं पर आक्रमण कर रहे थे। उस समय वीर अकम्पन ने उन्हें देख लिया। उन्हें देखते ही वह क्रोध से भर गया और जोर से गर्जना करने लगा॥ 25॥   |   ramayan सर्ग 6.56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.56.25 
तमापतन्तं संक्रुद्धं राक्षसानां भयावहम्।
ददर्शाकम्पनो वीरश्चुक्षोभ च ननाद च॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राक्षसों को भयभीत करने वाले हनुमान अत्यन्त क्रोधित होकर शत्रुओं पर आक्रमण कर रहे थे। उस समय वीर अकम्पन ने उन्हें देख लिया। उन्हें देखते ही वह क्रोध से भर गया और जोर से गर्जना करने लगा॥ 25॥
 
Hanuman, the one who frightens the demons, was attacking the enemies in a very angry mood. At that time the brave Akampan saw him. As soon as he saw him, he was filled with anger and started roaring loudly.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)